सूर्योदय
[आकार-२३x३६/१६, पृष्ठ-४४८, मूल्य-२५० रूपये]

‘सूर्योदय’ एक ऐसा अनुपम काव्य-ग्रन्थ है, जिसमें डॉ० वेदप्रकाश आर्य द्वारा विचरित ३०१ गीतों का संग्रह है। शारीरिक, आत्मिक और सामाजिक उन्नति हेतु लिखे गए इस काव्य की प्रत्येक रचना अदभुत, अनुपम, अति सुन्दर, अत्यन्त सरल, भावात्मक, प्रभावपूर्ण एवं संगीतबद्ध है। आप प्रत्येक रचना को वार-वार पढ़ना-पढ़ाना और सनना-सुनाना चाहेंगे। प्रत्येक रचना पाठक के मन, बुद्धि और आत्मा को शुद्ध एवं शान्त करती चली जाती है। भक्ति-गीत और संगीतप्रेमीयों, उपदेश्कों तथा भजनोपदेशकों के लिए तो ‘सूर्योदय’ अत्यन्त उपयोगी ग्रन्थ है।

अब आप एक-से-एक सुन्दर गीत गाकर, सुन और सुनाकर, ईश्वर-भक्ति, जीवन का और आनन्द प्राप्त कर सकते हैं। ‘सूर्योदय’ की साज-सज्जा एवं मुद्रण अत्यन्त सुन्दर है तथा गत्ते की पक्की जिल्द है।