महर्षि दयानन्द, आर्यसमाज और हम
[आकार-२३x३६/१६, पृष्ठ-३२, मूल्य- २० रूपये]

वैदिक विद्वान् डॉ० वेदप्रकाश आर्य ने प्रस्तुत पुस्तक में संसार के उपकार हेतु किये गए महर्षि दयानन्द सरस्वती के अनुपम, अमूल्य एवं सर्वोत्तम योगदान, आर्यसमाज के अमूल्य कार्यों तथा आर्यसमाज की वर्तमान दशा को यथार्थ रूप् में प्रस्तुत किया है। इसके साथ ही सम्पूर्ण विश्व में वैदिक धर्म और आर्यसमाज के व्यापक प्रचार-प्रसार की व्यावहारिक सर्वोत्तम और योजना प्रस्तुत की है।